नब्ज पर हाथ , नगर पालिका परिषद द्वारा पीपीपी मोड का प्रस्ताव सफल होगा या नहीं?
झाबुआ से दौलत भावसार
झाबुआ नगर पालिका परिषद द्वारा पिछले दीनों 6 तारीख को विशेष सम्मेलन के माध्यम से झाबुआ नगर में स्थित चाचा नेहरू बालोद्यान की जमीन पर पीपीपी मोड पर कमर्शियल परिसर बनाने का निर्णय लिया गया . उक्त निर्णय के बारे में झाबुआ नगर में जन चर्चा है कि परिषद के उक्त निर्णय से यह स्थिति बनने वाली है माया मिली न राम क्योंकि जो प्रस्ताव जिस जमीन के लिए किया गया है वह ग्रीन बेल्ट तथा बगीचे की जमीन में आती है सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट केंद्र सरकार राज्य सरकार ग्राम निवेश और शहरी विकास प्राधिकरण के शासकीय दस्तावेजों में झाबुआ नगर की ग्रीन बेल्ट की जमीन चिन्हित और अंकित की गई है और दर्शाई गई है के अनुसार यहां किसी भी प्रकार का निर्माण नही किया जा सकता है .
नगर में यह भी जन चर्चा है कि पीपीपी मोड वाली जमीन पर नगर पालिका झाबुआ के पास अधिकृत जमीनी दस्तावेज भी है या नहीं है बताया जाता है कि राजशाही के समय झाबुआ राजा के भाई बहादुर सिंह जी राठौड़ द्वारा यह जमीन चाचा नेहरू बाल उद्यान के लिए दान दी गई थी इस जमीन के पास 12 फीट का एक जीवित प्रकृति प्रदत्त नाला है नाले के दोनों और जमीन शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निवेश विभाग के रिकॉर्ड में ग्रीन बेल्ट के रूप में अंकित है
बताया जाता है कि नगर पालिका परिषद झाबुआ द्वारा बिना सोचे समझे दूरदर्शी दृष्टिकोण को भी नजर अंदाज करते हुए आर्थिक लाभालाब और करोड़ों रुपए अवैध रूप से कमाने की मंशा को लेकर ताबड़तोड़ यह प्रस्ताव पार्षदों पर दबाव डालकर पारित करने का प्रयास किया गया है जो नगर में व्यापारियों के बीच विवादित बनता जा रहा है . झाबुआ नगर पालिका परिषद में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी पटेल की तानाशाही और मनमर्जी वाली हरकतों और कार्य पद्धति से नगर में परिषद और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जन आक्रोश कि प्रतिदिन वृद्धि हो रही है. झाबुआ नगर के सबसे बड़े व्यापारी संगठन जो जिले का भी नेतृत्व व्यापारी जगत में करता है सकल व्यापारी संघ द्वारा ऐतिहासिक रूप से झाबुआ नगर तेरा व्यापारियों के समर्थन में और नगर पालिका की कार्रवाई के विरुद्ध जाकर बंद कराया गया उसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन जन हित में कार्रवाई करने के बजाय जन विरोधी कार्रवाई करता जा रहा है
जिसके चलते नगर में भाजपा संगठन और सरकार की परिषद की इस जन विरोधी हरकत के कारण छवि धूमिल होती जा रही है भाजपा के खिलाफ वातावरण बनता जा रहा है जो आगामी नगर पालिका परिषद के चुनाव से लगाकर विधानसभा चुनाव और जिले में भी अपना प्रभाव डालकर भाजपा को हानि पहुंचाने जैसा कार्य होगा
नगर में यह भी चर्चा जनता के बीच में है कि भाजपा शासित नगर पालिका परिषद द्वारा 4 साल के भीतर अपने कार्यकाल में नगर के हित में कोई महत्वपूर्ण योजना और कार्य लागू नहीं किया गया अब मात्र 8 या 9 महीने शेष बचे हैं उसमें जनता और नगर के विकास की याद आने लगि हे इस प्रकार की जन चर्चा रूप लेते जा रही है
नगर में चर्चा है कि नगर पालिका परिषद पूंजीपतियों के हाथ का खिलौना बन गई है जिसके चलते जवाहरलाल नेहरू बाल उद्यान की जमीन उनको सौंप कर उनको भी करोड़पति बनाने का प्रयास करने के साथ अपने आप को भी करोड़पति बनाने का प्रयास मात्र भर किया जा रहा है इसमे जन हित कहि से कहीं तक दिखाई नहीं पड़ रहा है
नगर के जानकारों का कहना है कि नगर पालिका परिषद में स्वार्थ सिद्धि और धन पिपासा के चक्कर में तेरा व्यापारियों की दुकानों को भी तोड़ दिया जाता है तो इस स्थान पर सरकार की गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और हाईकोर्ट की गाइडलाइन तथा नगर निवेश और नगर विकास प्राधिकरण विभाग की गाइडलाइन के अनुसार इन तेरा दुकानों का और धर्मशाला का भी नव निर्माण नहीं किया जा सकेगा ?
नगर में यह भी चर्चा है कि नगर पालिका परिषद के जवाबदार पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने तेरा व्यापारियों से अवैध रूप से 5-5 लाख की मांग की गई थी मांग पूरी नहीं होने पर नगर पालिका के तथा कथित सभापति उपाध्यक्ष और अध्यक्ष व्यापारियों से बदला निकाल रहे हैं इस प्रकार की नगर में जन चर्चा है
झाबुआ नगर पालिका परिषद में विशेष सम्मेलन में इतना बड़ा निर्णय बहुमत के आधार पर तो कर लिया परंतु उनकी हरकतों और कार्रवाई को देखते हुए यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिना सोचे समझे और बिना पूर्व तैयारी के यह प्रस्ताव पूंजीपतियों के इसारे पर कर लिया गया जो नगर में भाजपा के खिलाफ जा रहा है संभागीय संगठन प्रदेश संगठन जिला भाजपा संगठन के साथ झाबुआ में निवासर कैबिनेट मंत्री नगरी निकाय मंत्री और मुख्यमंत्री झाबुआ इस गंभीर मुद्दे को अपने संज्ञान में लेकर परिषद द्वारा पूंजी पत्तियों के इसारे पर जो कृत्य किया जा रहा है और नगर कि शांति भंग करने का प्रयास किया जा रहा है उसके लिए झाबुआ कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ को सख्त निर्देश देकर इस प्रकार की कार्रवाई को स्थगित करने का निर्देश दे
भाजपा परिषद में घर बैठे बिठाये कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ बोलने का अवसर और मुद्दा दे दिया है जिसको कांग्रेस हर इस्तर पर भुनाने का प्रयास
परिषद की इस बेवकूफी से कर रही है संगठन के कर्णधार इस विषय को भी संज्ञान में ले
झाबुआ के कुछ जागरूक नागरिक उपरोक्त पीपीपी मोड़ के प्रस्ताव को लेकर जिला डंडा अधिकारी न्यायालय में नगर पालिका परिषद के खिलाफ भी वाद लगाने के बारे में गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं ऐसी स्थिति में परिषद के निर्णय की धज्जियां उड़ने का भी संकट सामने आ रहा है
बस स्टैंड की 17 दुकानों को लेकर जिला डंडा अधिकारी न्यायालय में नगर पालिका परिषद झाबुआ के खिलाफ पूर्व में निर्णय किया जाकर नगर पालिका परिषद झाबुआ को 36 लाख का आर्थिक दंड और जुर्माना भी किया गया था और नाले के पास पीछे तक बनी हुई 4 से 5 फीट दुकानों को तोड़ने का निर्देश दिया गया था उस पर आज तक नगर पालिका परिषद में कोई गंभीर निर्णय नहीं लिया है यह स्थिति इन जागरूक जन प्रतिनिधियों की जो नगर विकास का दावा कर तेरा व्यापारियों को बर्बाद करने पर तुले है?
नगर में चर्चा है कि पीपीपी मोड को बहुमत से पास करने के पीछे कांग्रेस निर्दलीय और भाजपा के पार्षदों को तीन तथा कथित परिषद के पदाधिकारियो द्वारा लाखों रुपए की राशि अवैध रूप से भेंट की गई है इस प्रकार की भी जन चर्चा नगर में जोरों से चल रही है
पीपीपी मोड में नगर में चर्चा है कि इन संभावित पूंजीपतियों को नगर पालिका परिषद करोड़ों रुपए लेकर लाभ पहुंचाने का और नगर पालिका परिषद की जमीन को बेचने का सौदा कर रहे हैं जो नाम जन चर्चा के माध्यम से सामने आए हैं वह इस प्रकार है अलकेश बाकलिया
बबलू तोमर गौरव पाठक और दो प्रतिनिधि परिषद के इसमें शामिल है इस प्रकार पांच लोगों का यह सिंडिकेट बना है इसके माध्यम से करोड़ों की हेरा फेरी की जाएगी?
